अबकी बार जमीन, समुद्र और हवा... ऑपरेशन सिंदूर 2.0 पर आर्मी वेस्टर्न कमांड ने पाकिस्तान को चेताया
सेना ने यह भी कहा कि पिछले ऑपरेशन के दौरान आतंकवादी ठिकानों के साथ-साथ पाकिस्तान के सैन्य और एयरबेस को भी निशाना बनाया गया था, जिसके बाद पाकिस्तान ने सीधे और अन्य देशों के माध्यम से युद्धविराम की मांग की थी।
भारतीय सेना की पश्चिमी कमान ने पाकिस्तान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी उकसावे पर इस बार पहले से ज्यादा और “अधिक कठोर” जवाब दिया जाएगा। सेना ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन ‘सिंदूर 2.0’ जारी है और इसकी तैयारियां पहले से कहीं अधिक व्यापक हैं। पश्चिमी कमान के वरिष्ठ अधिकारियों ने पंजाब के पठानकोट में आयोजित एक ऑपरेशनल क्षमता प्रदर्शन के दौरान यह बयान दिया। राजेश पुष्कर, जो 2 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) हैं, ने कहा कि पिछले साल चलाए गए ऑपरेशन ‘सिंदूर’ ने पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया था, लेकिन वह केवल एक “छोटा उदाहरण” था।
उन्होंने कहा कि महज चार दिनों के भीतर पाकिस्तान को घुटनों पर आने के लिए मजबूर होना पड़ा और उसने संघर्ष विराम की अपील की। उनके अनुसार, उस कार्रवाई का उद्देश्य केवल सीमित स्तर पर क्षमता का प्रदर्शन करना था, जबकि अब ‘सिंदूर 2.0’ के तहत कहीं बड़े पैमाने पर तैयारी की गई है। सेना अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में कार्रवाई का स्वरूप परिस्थितियों पर निर्भर करेगा और जरूरत पड़ने पर जमीन, समुद्र या हवा किसी भी मोर्चे पर जवाब दिया जा सकता है।
पाकिस्तान का “न्यूक्लियर ब्लफ” खारिज
इस बीच, पश्चिमी कमान के प्रमुख मनोज कुमार कटियार ने पाकिस्तान के “न्यूक्लियर ब्लफ” को खारिज करते हुए कहा कि भारत अब इस तरह के दबाव में नहीं आएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भारत को कड़ी कार्रवाई से रोकने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भारतीय सेना पूरी तरह तैयार है। सेना ने यह भी कहा कि पिछले ऑपरेशन के दौरान आतंकवादी ठिकानों के साथ-साथ पाकिस्तान के सैन्य और एयरबेस को भी निशाना बनाया गया था, जिसके बाद पाकिस्तान ने सीधे और अन्य देशों के माध्यम से युद्धविराम की मांग की थी।
पिछले साल मई में हुआ था ऑपरेशन सिंदूर
बता दें कि भारतीय सैन्य बलों ने पिछले साल मई में पहलगाम आतंकी हमले के बाद Operation Sindoor शुरू किया था। पहलगाम में 26 लोग मारे गए थे। इसके बाद, इंडियन आर्म्ड फोर्सेज़ ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर सटीक मिलिट्री हमले किए। बहरहाल, सेना के ताजा बयान से स्पष्ट है कि भारत ने अपनी रणनीति और सैन्य तैयारी को और मजबूत किया है। किसी भी संभावित उकसावे की स्थिति में इस बार प्रतिक्रिया पहले से अधिक तीव्र और व्यापक हो सकती है।
लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।